
चाँद पर घर बुक हो रहे हैं, लेकिन नीचे अब भी लोग नींबू-मिर्च लटका के निकलते हैं! ISRO सैटेलाइट भेज रहा है, और शर्मा जी आज भी कुंडली देखकर शादी तय करवा रहे हैं। ऐसे में काम आती है आचार्य जी की किताब "अंधविश्वास"—जो टोटकों की चेन तोड़ती है और दिमाग में तर्क ऑन कर देती है। पढ़ो, समझो, और फिर देखना... ना ग्रह-नक्षत्र डराएंगे, ना पंडित जी धमकाएंगे!

Bilkul Shi kha sapna ji , yhi karan hai hum bharatvasiyon k pichhdepan ka

khub bhalo 😛

सुंदर अवलोकन सपना जी👍