मेरे घर में दो लोग ऐसे हैँ जो शरीर से बीमार हैँ जिनकी दवाई बराबर चलने से उनके स्वस्थ्य में सुधार भी होता हैँ और एक तीसरी मेरी माता जी जो ऐसी अंधविश्वास से ग्रस्त हैँ उनकी बीमारी किसी भी दवाई से thik नहीं होती बल्कि मैं भी पिछले 25 सालो से बीमार ही था मानो, गुरुबार को बाल नहीं कटवाते, माथे पर तिलक लगा कर घर से निकलो, बिल्ली क रास्ता कट जाना, बाल में केवल शनिवार को ही तेल लगाना, साबुन दिन देख कर लगा...