उत्कृष्टता + लिखनी है नई कहानी + सफलता + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]

उत्कृष्टता + लिखनी है नई कहानी + सफलता + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]

तीन पुस्तकों का कॉम्बो मुफ़्त स्टिकर के साथ
Description
सभी पाठकों के लिए तीन पुस्तकों का विशेष कॉम्बो भारी छूट पर!
उत्कृष्टता + लिखनी है नई कहानी + सफलता + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]
पढ़ें और जीवन को सही दिशा दें।

उत्कृष्टता:

उपनिषद् कहते हैं — ""यो वै भूमा तत् सुखं,"" जो बड़ा है उसी में सुख है। सीमाओं में, क्षुद्रताओं में सुख नहीं मिलना। पूर्णता हमारा स्वभाव है और इसीलिए जब तक हमारे जीवन में उत्कृष्ता का अभाव रहता है, तब तक भीतर एक खालीपन, एक बेचैनी बनी रहती है।

आचार्य प्रशांत की यह पुस्तक आमंत्रण है उन सभी के लिए जो अपने साधारण ढर्रों से ऊब चुके हैं और ऊँचाई के अभिलाषी हैं। प्रस्तुत पुस्तक में आप सरल शब्दों में यह समझ पाएँगे कि उत्कृष्टता क्या है, वह क्यों ज़रूरी है और कृष्णत्व तक या श्रेष्ठता तक पहुँचने का मार्ग क्या है।

लिखनी है नई कहानी:

जीवनपर्यंत मन किसी नये की तलाश में रहता है। उस तलाश को वो अक्सर ही किसी नये अनुभव, घर, गाड़ी इत्यादि से पूरी करने की अभिलाषा करता है।

नये की तलाश मन को अक्सर ही एक आशा में बाँध देती है कि यदि बाहर की स्थितियाँ बदल जाएँ तो भीतर की बेचैनी भी मिट जाएगी।

आचार्य प्रशांत छात्रों के साथ हुए संवादों के माध्यम से समझाते हैं कि मन की बेचैनी और ऊब बाहरी बदलावों से नहीं बल्कि भीतर से आत्मस्थ होकर जाती हैं

आत्मस्थ होना ही एक नये जीवन, एक नयी कहानी की नींव है।

सफलता:

सफल होने की चाहत के पीछे, सबसे पहले, तुम्हारे मन में ये भाव बैठा होना चाहिए कि मैं अभी असफल हूँ। तुम्हारे मन में ये भाव तुम्हारे मालिक बैठाते हैं।

और कौन है तुम्हारा मालिक? हर वो व्यक्ति तुम्हारा मालिक है जिसने तुम्हारे मन में ये बात भर दी है कि तुम ‘हीन’ हो। जिन-जिन स्रोतों से तुम्हें ये संदेश आता हो, वही वो स्रोत हैं जो तुम्हें ग़ुलाम रखने में उत्सुक हैं, उनसे बचो। जो भी करो, मौज में करो।

तुम सफल हो नहीं सकते क्योंकि तुम सफल हो ही।

जानिए एक सच्चे और सफल जीवन के सूत्र आचार्य प्रशांत के साथ।
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