प्रेम सीखना पड़ता है + अकेलापन और निर्भरता + कामवासना + सम्बन्ध + 10 धोखे जो सब खाते हैं + The Secret of Joyful Relationships + The Lover You Have Been Missing + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]

प्रेम सीखना पड़ता है + अकेलापन और निर्भरता + कामवासना + सम्बन्ध + 10 धोखे जो सब खाते हैं + The Secret of Joyful Relationships + The Lover You Have Been Missing + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]

सात पुस्तकों का कॉम्बो मुफ़्त स्टिकर के साथ
Description
सभी पाठकों के लिए सात पुस्तकों (हिंदी और English पुस्तक) का विशेष कॉम्बो भारी छूट पर!
प्रेम सीखना पड़ता है + अकेलापन और निर्भरता + कामवासना + सम्बन्ध + 10 धोखे जो सब खाते हैं + The Secret of Joyful Relationships + The Lover You Have Been Missing + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]
पढ़ें और जीवन को सही दिशा दें।

प्रेम सीखना पड़ता है:

हम जिसे प्रेम कहते हैं वह हम तक मात्र किस्से-कहानियों और फिल्मों के माध्यम से पहुँचा है। ये भी एक ग़लतफ़हमी है कि प्रेम नैसर्गिक होता है। प्रकृति में, जानवरों में जो प्रेम दिखता है वो प्राकृतिक सौहार्द हो सकता है, प्रेम नहीं।

प्रेम तो सीखना पड़ता है।

प्रेम वास्तव में है मन का निरंतर आकर्षण, सतत प्रवाह शांति की तरफ़। प्रेम का वरदान या प्रेम की संभावना तो बस इंसान को ही मिली है। वो भी संभावना मात्र है।

प्रेम मिलेगा किसी कृष्ण जैसे के पास।

अकेलापन और निर्भरता

अकेलेपन का डर हमें अक्सर हमारे जीवन को अन्य वस्तुओं से भरने पर मजबूर कर देता है। वहीं से उन वस्तुओं के प्रति आसक्ति का जन्म होता है, जिसके कारण हमें जीवन में न जाने कितना दुःख भोगना पड़ता है। यदि इस डर को गहराई से समझा जाए तो जीवन सरल और बोधपूर्ण हो जाएगा। यह पुस्तक हमें उस डर के पार ले जाने का एक प्रयास है।

कामवासना:

आज अगर आदमी प्रकृति के प्रति इतना हिंसक है, पेड़-पौधों के प्रति इतना हिंसक है, जानवरों के प्रति इतना हिंसक है, तो उसकी वजह ये है कि वो अपने शरीर के प्रति भी बहुत हिंसक है।

शरीर से मुक्ति चाहते हो, तो शरीर को ‘शरीर’ रहने दो। जिन्हें शरीर से मुक्ति चाहिए हो, वो शरीर के दमन का प्रयास बिलकुल न करें। जिन्हें शरीर से ऊपर उठना हो, वो शरीर से दोस्ती करें, शरीर से डरें नहीं, घबरायें नहीं।

आचार्य प्रशांत ने इस पुस्तक के माध्यम से शरीर के प्रति शर्म, डर, अज्ञान को हमारे समक्ष रखा है।

सम्बन्ध:

जीवित होना माने सम्बन्धित होना। जीव के रूप में एक अपूर्णता जन्म लेती है और उस अधूरेपन को भरने के लिए हम अलग-अलग चीज़ों और व्यक्तियों से जुड़ते हैं। हम सबके जीवन में कुछ चीज़ें और लोग मौजूद होते हैं, पर एक स्वस्थ सम्बन्ध कैसा होता है, इसके बारे में हम शायद ही कभी विचार करते हैं।

कौनसे विषय हमारे मन पर छाए रहते हैं, हम काम क्या करते हैं, किन लोगों से मिलते-जुलते हैं, और हमारा ख़ुद से क्या रिश्ता है, इन्हीं सबका नाम जीवन है पर हम यह नहीं देखते कि हमारे रिश्तों में सार्थकता कितनी है।

दो तरह के सम्बन्ध सम्भव हैं — एक वो जो भोग के लिए किया जाता है और दूसरा वो जो प्रेम की अभिव्यक्ति होता है, जो हमारे बंधनों को काटने में सहायक हो।

प्रस्तुत पुस्तक में आचार्य प्रशांत ने विस्तार से समझाया है कि हम किस प्रकार सम्बन्धित होते हैं, स्वस्थ सम्बन्ध की बुनियाद क्या होनी चाहिए और किस प्रकार हम हिंसा और स्वार्थपूर्ण रिश्तों से उठकर प्रेम और करुणा के आधार पर सम्बन्ध बना सकते हैं।

10 धोखे जो सब खाते हैं:

हर व्यक्ति जीवनभर किसी ऐसे की तलाश में रहता है जिस पर पूरा भरोसा किया जा सके। पर जब भी हमें लगता है कि संसार में कोई विश्वास करने लायक है, उतनी बार हम गलत साबित होते हैं।

कोई व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसे धोखा न मिला हो। पर चूँकि हम स्वयं को नहीं जानते और संसार को नहीं समझते, हम बार-बार वही गलतियाँ दोहराते हैं। हमारा भीतरी अज्ञान हमें यह देखने नहीं देता कि सिर्फ़ वस्तुएँ और परिस्थितियाँ बदल जाने भर से उनसे हमारा रिश्ता नहीं बदल जाता। जब तक हम भीतर से नहीं बदलते, तब तक हम उन्हीं गड्ढों में अलग-अलग तरीकों से गिरते रहेंगे।

प्रस्तुत पुस्तक में आचार्य प्रशांत हमें उन धोखों से अवगत करवाते हैं जिनमें हम अक्सर फँसते हैं। '10 धोखे जो सब खाते हैं' पुस्तक यह समझने में सहायक होगी कि धोखा खाने की वृत्ति हमारे भीतर ही बैठी हुई है, साथ-ही-साथ यह जानने में भी मदद करेगी कि कैसे हम बार-बार ठोकर खाने से बच सकते हैं।

The Secret of Joyful Relationships:

I love you...


These words stir something profound within us. We long for them, yearn to hear them from those we cherish. Yet, do we truly understand the ‘I’ at the center of this love?

This book is a journey into the depths of the self, an exploration of the ‘I’ so that we may truly love and also receive true love. Compiled from the timeless talks of Acharya Prashant, this book addresses fundamental questions on relationships and challenges you to move beyond the dictates of biology and society. True, lasting relationships are beautiful expressions of genuine inner joy and fulfillment.

It is possible to have relationships where:
> Self-awareness is the bedrock of genuine, heartfelt connections.
> Emotions are navigated with clarity and compassion, fostering deep intimacy.

Acharya Prashant delves deeply into the nature of human relationships, showing how to nurture them with wisdom, clarity, and love instead of dependency and superficiality.

"The Secret of Joyful Relationships" is more than a book; it is a transformative journey. It offers practical wisdom and tools to help you create bonds that are real, authentic, and truly loving. Whether with family, friends, or a romantic partner, this book guides you to cultivate connections that bring true joy and fulfillment. Begin your journey towards self-discovery and real love today.

The Lover You Have Been Missing:

‘The Lover You Have Been Missing' is one of its kind, a book that talks of the essence of love.

Until now we have found love to be referred to in personal aspects or as an image or person. The author has vividly talked of the love that is universal, beyond persons and images—the love that is your true nature, that once tasted, becomes one with you.

He retorts how love has been brought down to a 'rotten' definition by us. He talks of an immersion in love that brings courage and completeness with it. He shatters all the misconceptions and conceptions around love, beautifully elucidating how men and women stand at two ends of duality.
The author, sensationally, breaks all images associated with love and brings you to love in its truest form.
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