Acharya Prashant (AP) Books | नवरात्रि - भीतर के असुरों पर विजय + दुर्गासप्तशती सार + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]
नवरात्रि - भीतर के असुरों पर विजय + दुर्गासप्तशती सार + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]
दो पुस्तकों का कॉम्बो मुफ़्त स्टिकर के साथ
Description
सभी पाठकों के लिए दो पुस्तकों का विशेष कॉम्बो भारी छूट पर! नवरात्रि - भीतर के असुरों पर विजय + दुर्गासप्तशती सार + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त] पढ़ें और जीवन को सही दिशा दें।
नवरात्रि - भीतर के असुरों पर विजय:
नवरात्रि नौ रातों का वह पर्व है जो देवी की शक्तिशाली असुरों पर विजय का उत्सव मनाता है। पर क्या हो अगर पता चले कि ये असुर कहीं बाहर नहीं, हमारे भीतर ही हैं?
इस सुंदर कहानी में बच्चे जानेंगे कि आलस, लालच और कभी न खत्म होने वाली इच्छाओं के असुर उनकी ज़िंदगी में भी आ सकते हैं। और जैसे नवरात्रि की कहानी बताती है; इन असुरों से लड़ने का साहस, समझ और शक्ति हम में पहले से ही है।
दुर्गासप्तशती सार:
वर्ष में दो बार धूमधाम से नवरात्रि मनाई जाती है, नौ दिन देवी पूजा होती है, पर क्या हम सचमुच इस पर्व और देवी के मर्म को समझते हैं?
श्रीदुर्गासप्तशती, जो नवरात्रि का केंद्रीय ग्रंथ है, उसमें जीवन के रहस्य को समझने के लिए अनेकों प्रतीकों का प्रयोग किया गया है — प्रकृति, पशु-पक्षी, असुर, देवता, और देवी स्वयं। ये प्रतीक हमारे जीवन में किस प्रकार सार्थक हैं? इनका आज के संदर्भ में क्या अर्थ है?
इस पुस्तक के माध्यम से आचार्य प्रशांत बड़े ही अनूठेपन व सरलता से इन प्रतीकों का अर्थ बताते हैं और इनका आज के जीवन में उपयोग समझाते हैं।
यह पुस्तक दुर्गा सप्तशती ग्रंथ को सार रूप में आप तक लाने का एक प्रयास है।