Acharya Prashant (AP) Books | 🔥 भिड़ जाओ अपनी कमज़ोरियों से 🔥
🔥 भिड़ जाओ अपनी कमज़ोरियों से 🔥
दो पुस्तकों का कॉम्बो मुफ़्त स्टिकर के साथ
Description
सभी पाठकों के लिए दो पुस्तकों का विशेष कॉम्बो भारी छूट पर! ज्वाला + संघर्ष + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त] पढ़ें और जीवन को सही दिशा दें।
ज्वाला
प्रस्तुत पुस्तक में आचार्य प्रशांत इन महापुरुषों के जीवन के उस संघर्ष से हम सबको परिचित करा रहे हैं, जो आम जनमानस तक आज तक नहीं पहुँच पाया है। आज भले ही हमने उन्हें महापुरुष कहकर सम्मानित किया है लेकिन जीवित रहते हुए उन्होंने केवल बाहरी ताकतों से ही नहीं, बल्कि सालों से हमारे अपने समाज द्वारा आत्मसात की गई रूढ़ियों, अंधविश्वास और ग़ुलामी की वृत्ति से लड़ाई की ताकि हम बंधनमुक्त और गरिमापूर्ण जीवन की ओर अग्रसर हो सकें।
संघर्ष
जीवन प्रतिपल संघर्ष तो है ही, पर हम यह नहीं जान पाते कि हमारे लिए कौनसा संघर्ष उचित है। और फिर हम छोटी लड़ाइयों में उलझकर बड़ी और महत्वपूर्ण लड़ाई से चूक जाते हैं।
बड़ी लड़ाई वो है जो अपने विरुद्ध की जाती है, असली संघर्ष वो है जो मन के विकारों को हटाने के लिए किया जाता है। जैसे-जैसे हमारा मन सुलझता जाता है, वैसे-वैसे हम बाहरी चुनौतियों का सामना करने के लिए भी सक्षम होते जाते हैं। इस पुस्तक में हमें आचार्य प्रशांत से समझने को मिलेगा कि सही संघर्ष कौनसा है, वह क्यों ज़रूरी है और यह कि आनंद तो स्वयं से जूझने में ही है।
Mahan aadmi bhi perfect nahi paida hote. Khud ko nikharne ke liye khud ko dekhna padta hai.
Mere aur bachon ke liye perfect combo tha ye. Jahan main apne bachon ko reels ki dikhawati duniya se thoda dur le jaun aur khud ko badal sakun.
Tejaswini Nayak
1y
"आशा की झुनझुना" से छुटकारा🪞
"ज्वाला" पुस्तक से मुझे अनेकों नए दोस्तों से परिचय हुआ।
कवि धूमिल मेरे लिए सबसे नया हैं। मुझे उन्हें और पढ़ने के लिए प्रेरणा मिला है।
शाहिद भगत सिंह जी के पुस्तक पढ़ी थी।
पर आज तक मुझे उनकी अंतिम दिन की क्रूर अंत वो भी अपने ही देश के लोगों के द्वारा!
यह मुझे कभी नहीं पता था। 🪔
मैं क्या पढ़ रही थी कि मुझे इन महापुरुषों से इस सुंदर ढंग से परिचय नहीं करवाया गया!
आचार्य जी की वह जलता हुआ सवाल,
"कै...