⁠हमन है इश्क मस्ताना + प्रेम प्याला जो पिए + मन मस्त हुआ + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]

⁠हमन है इश्क मस्ताना + प्रेम प्याला जो पिए + मन मस्त हुआ + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]

तीन पुस्तकों का कॉम्बो मुफ़्त स्टिकर के साथ
Description
सभी पाठकों के लिए तीन पुस्तकों का विशेष कॉम्बो भारी छूट पर!
⁠हमन है इश्क मस्ताना + प्रेम प्याला जो पिए + मन मस्त हुआ + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त]
पढ़ें और जीवन को सही दिशा दें।

हमन है इश्क़ मस्ताना:

हमन है इश्क़ मस्ताना, हमन को होशियारी क्या!

आचार्य प्रशांत इस पुस्तक में कबीर साहब के भजन का मर्म खोलते हुए प्रेम के वास्तविक अर्थ से परिचित कराते हैं। यह पुस्तक बताती है कि सच्चा प्रेम किसी दूसरे से नहीं, बल्कि अपने ही छुटपन से ऊपर उठने की यात्रा है।

प्रेम प्याला जो पिए:

कबीर साहब के दोहों के माध्यम से यह पुस्तक प्रेम की गहरी, व्यावहारिक और आध्यात्मिक समझ प्रदान करती है। आचार्य प्रशांत बताते हैं कि जब प्रेम बिना किसी अड़चन के हृदय में उतरता है, तभी जीवन का वास्तविक सौन्दर्य प्रकट होता है।

मन मस्त हुआ:

कबीर साहब का यह भजन आत्मबोध से मिलने वाली वास्तविक मस्ती और आनंद की ओर संकेत करता है।
भजन को गाने मात्र से जो आनंद आता है, यह पुस्तक आपको उस आनंद की जड़ तक ले जाने का आमंत्रण है।

यदि आप इस मस्ती को सिर्फ़ छूना नहीं, जीना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए है।
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