सभी पाठकों के लिए दो पुस्तकों का विशेष कॉम्बो भारी छूट पर! ज्ञान मस्ती + 10 सूत्र बच्चों की परवरिश के + [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त] पढ़ें और जीवन को सही दिशा दें।
ज्ञान मस्ती
8–18 वर्ष की आयु... एक युवा मन, जिज्ञासा से भरा हुआ — जो सवालों के जवाब ढूंढ रहा है, और अपने लिए सही रास्ते तलाश रहा है। इस वक़्त में किए गए चुनाव ही आगे चलकर जीवन को दिशा और आकार देंगे।
ऐसे मोड़ पर, प्रस्तुत किताब आपकी सबसे सच्ची दोस्त बन सकती है।
पढ़ो, समझो… और अपनी मस्ती को ज्ञान से भरो!
10 सूत्र बच्चों की परवरिश के:
हमारे जीवन की दिशा तय करने में हमारी परवरिश की अहम भूमिका होती है। आमतौर पर यह माना जाता है कि अच्छी परवरिश का अर्थ है बच्चे को 'अच्छे संस्कार' देना। पर जैविक संस्कार तो हर बच्चा लेकर ही पैदा होता है, उसके ऊपर कुछ नैतिक सिद्धांतों की एक और परत चढ़ा देना व्यक्ति के मन को और बाँध देता है।
इस पुस्तक में आचार्य प्रशांत ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि बच्चे हमारे शब्दों से ज़्यादा हमारी हस्ती से सीखते हैं। अगर हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे एक प्रेमपूर्ण, ऊँचा और मुक्त जीवन जियें, तो हमें खुद उसका उदाहरण बनना होगा।