Acharya Prashant (AP) Books | 🦁 डर मामूली चीज़ है। तुम बहुत-बहुत ताक़तवर हो। 💥
🦁 डर मामूली चीज़ है। तुम बहुत-बहुत ताक़तवर हो। 💥
दो पुस्तकों का कॉम्बो मुफ़्त स्टिकर के साथ
Description
ख़ास पाठकों के लिए दो पुस्तकों का कॉम्बो भारी छूट पर! डर + विद्यार्थी जीवन, पढ़ाई, और मौज+ [1 आचार्य प्रशांत कोट्स स्टिकर मुफ़्त] पढ़ें और अपने जीवन को सही दिशा दें।
डर:
जीवन दो ही तरीकों से जिया जाता है: या तो डर में या प्रेम में। हमने प्रेम कभी जाना नहीं है और डर से हमारा बड़ा गहरा नाता है। डर का जन्म होता है अपूर्णता के विचार से, यह विचार कि हम में कुछ अस्तित्वगत कमी है। इसी विचार को सत्य मानकर हम संसार द्वारा प्रदत्त वस्तुओं पर आश्रित हो जाते हैं, चाहे वो हमारे रिश्ते-नाते हों, चाहे रुपये-पैसे अथवा पद-प्रतिष्ठा।
आचार्य प्रशांत जी इन संवादों के माध्यम से इस अपूर्णता के विचार को ही नकार देते हैं। आचार्य जी हमें हमारे उस 'मैं' से परिचित कराते हैं जो असली है और जो अमृतस्वरूप है। कृपया इस पुस्तक का भरपूर लाभ लें और अपने जीवन के केंद्र से डर को विस्थापित कर प्रेम को लाएँ।
विद्यार्थी जीवन, पढ़ाई और मौज:
आजकल का युवा, खासतौर से भारत का, विभिन्न पारिवारिक, सामाजिक, शैक्षणिक व मीडिया, व्यावसायिक, शारीरिक दुविधाएँ, प्रेम व रिश्ते तथा गहरे अस्तित्ववान जीवन सम्बन्धी प्रश्नों से जुड़ी बहुधा चुनौतियों का सामना करता है। युवा वर्ग एक ऐसी नाज़ुक स्थिति में है जहाँ से ज़िंदगी में गलत मोड़ लेना काफी आसान है। आचार्य प्रशांत अपने एक अनोखे ही तरीके से युवा पीढ़ी की ऊर्जा और संघर्षों को संबोधित करते हैं। इस पुस्तक का यही उद्देश्य है कि आपको भी स्पष्टता मिले और अपने जीवन के निर्णय आप स्वयं अपनी सूझबूझ से कर सकें।
Acharya ji books give clarity they don't talk in mysterious ways
They give crystal 🔮 clear defination of our question
Thank you so much for your books 😊
Who need clarity without any confusion read books