
उपनिषदों की शुरुआत करने में यह पुस्तक मुझे बहुत सहायक लगी, सारे उपनिषदों का सार ही इसमें मिल जाता है।वास्तविक धर्म क्या है और कियूँ है ये पुरी तरह समझ आ रहा है।वेदांत स्वयं के जीवन में कितना जरूरी है साथ ही विश्व को इसकी कितनी जरूरत है ये साफ़ स्पष्ट हो जाता है। इस पुस्तक में दिए वेदांत सूत्र ही काफ़ी है सारे मर्म को समझने के लिए। आचार्य जी के अथक प्रयासों और हमारे प्रति प्रेम के लिए आभार व्यक्त क...