
यह पुस्तक मैने तब पढ़ी जब मैं अकेला रहता था और अकेलेपन से परेशान था। अकेलापन खाता था मेरे को। लेकिन यह पुस्तक पढ़ने के बाद मुझे समझ आया ऐसा क्यों होता है। मुझे समझ आया कि अकेले रहना कोई बूरी बात नहीं बल्कि एक संभावना है अपनी कमियों को देखने की। जब हम अकेले होते हैं तो हम अपनी कमियों को अच्छे से देख पाते हैं और जब हम उन्हें जानेंगे तभी उन कमियों को दूर कर सकते हैं। 2 वर्ष हो गए इस पुस्तक को पढ़े ...