
यह पुस्तक पढ़ने के पश्चात मैंने क्या सीखा, वो साझा कर रहा है ताकि अन्य लोगों को पता चले क्यों यह पुस्तक बहुत महत्वपूर्ण है पढ़ना। पुस्तक से मिली सीख :- हनुमान जी = सत्यमुखी चेतना राम = आत्मा/ सत्य/ ब्रह्मा 1. भक्ति का असली अर्थ – हनुमानजी की भक्ति केवल किसी वरदान या कृपा के लिए नहीं, बल्कि अहंकार का शमन और आत्मा के परम सत्य से जुड़ने की साधना है। 2. हनुमान का प्रतीकात्मक रूप – ( सत्यमुखी चे...