
हनुमान चालीसा का वेदान्तिक अर्थ” एक ऐसी किताब है जो पारंपरिक पाठ को सिर्फ दोहराने के बजाय उसे समझने की दिशा में ले जाने की कोशिश करती है। इस किताब की सबसे खास बात यह है कि यह हनुमान चालीसा को केवल धार्मिक पाठ नहीं मानती, बल्कि उसे एक गहरे आंतरिक अर्थ से जोड़ती है। इसमें बताया गया है कि चालीसा के शब्द सिर्फ पूजा के लिए नहीं हैं, बल्कि जीवन को समझने का माध्यम भी हैं। मुझे इसमें यह अच्छा लगा कि यह bl...