Acharya Prashant (AP) Books | स्त्री | Stree [Hardbound]
स्त्री | Stree [Hardbound]
आंतरिक बल की ओर
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Paperback Details
HindiLanguage
264Print Length
Description
आज़ाद जीवन एक आज़ाद मन की अभिव्यक्ति है। यदि व्यक्ति का मन मुक्त नहीं है तो मुक्ति आंदोलन शायद ही कभी अपने उद्देश्य की पूर्ति कर पाएँगे।
महिला मुक्ति के लिए जो आंदोलन किये गए या किये जा रहे हैं, उनका उद्देश्य भी महिलाओं को केवल राजनीतिक और सामाजिक समानता देना रहा है; वो भी स्त्री मन की दासता के मूल कारणों को सम्बोधित करने में असफल रहे हैं।
स्त्री का वस्तुकरण ही उसकी दासता का प्रमुख कारण है।
इस दासता से मुक्ति तभी सम्भव है जब स्त्री ख़ुद को वस्तु-मात्र न समझे। दुनिया स्त्री का शोषण करती है उसे एक भौतिक वस्तु जानकर, और स्त्री उस शोषण को सहती है क्योंकि देह से उसने अपना तादात्म्य बैठा लिया है।
इस अति महत्वपूर्ण पुस्तक में आचार्य प्रशांत ने करुणापूर्वक शरीर का सही स्थान बताया है, उसके आग्रहों पर सुझाव दिया है, और स्त्री के मन की मुक्ति के मार्ग पर प्रकाश डाला है, जो कि ना केवल उसे आंतरिक बल प्रदान करता है बल्कि उसकी उच्चतम की ओर यात्रा को एक उड़ान देता है।
AP making female and all readers realize that she's human before anything.
Nikki Tiwari
7mo
खुद को जानना।
इस पुस्तक से समझ आता है की स्त्री हो या पुरुष हम देह नहीं चेतना है।
PRAKASH MOHANTY
9mo
This is the perfect medicine for weak women
ANKIT KUMAR SINGH
10mo
स्त्री
मैने ये अपनी मां के लिए लिया था पर उन्होंने पढ़ा नहीं तो मैने ही पढ़ लिया इस किताब में वर्तमान स्त्री की स्थिति को दर्शाया गया है और कई सारी उपयोगी बातें बताई गईं हैं जो वर्तमान महिला को शसक्त बनाए
आदर्श कुमार
1y
हम एक वास्तविक मानव होने के नाते प्रत्येक स्त्री को इस पुस्तक को धारण करने का आग्रह करूंगा
बहुत ही अच्छा कदम आचार्य जी के द्वारा स्त्री की दासता को मिटाने के लिए, समाज में एक स्त्री पुरुष के बीच की खाई को पाटने के लिए, उत्कृष्ट शब्दों का संग्रह, दुनियां की आखिरी स्त्री तक इस पुस्तक को पहुंचाना चाहिए! मेरी आकांक्षा के अनुरूप… 🙏🏻