यह किताब जितना एक महिला के लिए पढ़ना जरूरी है उतना ही किसी भी पुरुष के लिए भी, मैं इस किताब को पढ़कर हर इंसान को चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, एक अलग ही नजरिए से, चेतना की तरह देखना समझ पाई ।