
यह पुस्तक मुझे बहुत पसंद है। इस पुस्तक में हम इस धारणा से पूर्णतः तथ्यगत कारण के साथ मुक्त होते हैं कि संघर्ष और अध्यात्म का का मार्ग अलग है । हम जानते हैं कि अध्यात्म तो अपने संस्कारित जीवन के विरुद्ध संघर्ष के बिना फलित भी नहीं हो सकती। और संघर्ष में ही परम आनंद है।। बशर्ते असली संघर्ष हो नहीं तो हमारे जीवन में संघर्ष तो होते ही हैं लेकिन उससे कुछ आत्मिक नहीं होता, संतुष्टि पूर्ण नहीं होता , स...