
बहुत अच्छा कोंबो बनाया गया है जब हम मन को अच्छी तरह से समझ लेते हैं मन के विज्ञान को अच्छी तरह से समझ लेते हैं, हमें आज तक अपने समाज से फिल्मों से सभी जगह से यही बताया गया है कि मन में जो भावनाएं आती हैं किसी के प्रति अच्छी भावनाएं आती है तो उसे ही प्रेम कहता है इन तीनों धारणाओं को यह पुस्तक धारा सही करती है मन अहंकार का ही उपकरण है विचार जब घना हो जाता है वही भावनाएं हैं और प्रेम नैसर्गिक होता है...