
इस किताब में दुर्गासप्तशती का सार दिया गया है | जो मैने पढ़ा बहुत कुछ सीखने को मिला | दुर्गासप्तशती का मूल संदेश यह हैं की प्रकृति को इस्तमाल अपनी कामना पुरी करने के लिए करोगे तो प्रकृति तुम्हें छोड़ेंगी नहीं| प्रकृति ही बंधन हैं प्रकृति ही मुक्ति हैं इसको जान जाओगे तो मुक्त हों जाओगे नहीं जानोगे तो बंधन से मुक्त नहीं हों पाओगे| ✔️