श्रीराम ने बड़ा अन्याय किया? || आचार्य प्रशांत, वेदांत महोत्सव (2022)

प्रश्नकर्ता: नमस्कार सर! मेरा क्वेश्चन (प्रश्न) है मेरे सामाजिक जीवन से। सर! हमारे समाज में जैसे मैं ट्राइबल कम्यूनिटी (आदिवासी समुदाय) से आता हूँ, तो उसमें एक धारणा, एक मिथ (कल्पित कथा) है जो यह प्रचलित है सर! ये कि जो हमारे धार्मिक ग्रन्थों में जो हिंसा है जैसे— भगवान राम और रावण की लड़ाई और महिषासुर की लड़ाई।
तो उसमें यह माना जाता है कि यह जो लड़ाई है वो आर्य और अनार्य जाति के बीच की लड़ाई है। तो जिसके कारण हम जब कभी वेदान्त की बात करते हैं तो वो बोलते हैं कि ये कथा सब बनी बनाई काल्पनिक कथाएँ हैं जो कि एक जाति और दूसरी जाति की लड़ाई की कहानी है, उसको प्रचारित किया जा रहा है। तो सर! ये मेरा संशय है, कृपया इसका समाधान करें।
आचार्य प्रशांत: नहीं, आर्य-अनार्य की लड़ाई बतानी होती तो बता देते न कि आर्य और अनार्य की लड़ाई है, वो बताने में क्या समस्या थी? बता ही देते। ये लिखने में उन्हें कोई कष्ट हो जाता कि अनार्यों को मारा जा रहा है? वो ये थोड़ी कह रहे हैं कि अनार्यों को मारा जा रहा है। वो तो बता रहे हैं कि उनको मारा जा रहा है जिन्होंने साफ़-साफ़ अधर्म करा था। और क्या अधर्म करा था वो भी आपको लिखा हुआ मिल जाता है साफ़। या उनका अधर्म ये बताया गया कि वो अनार्य थे।
प्र: जी सर! वो लोग एससी (सिड्यूल कास्ट), एसटी (सिड्यूल ट्राइब) और ओबीसी (अदर बैकवर्ड कास्ट) को बोलते हैं कि ये अनार्य हैं।
आचार्य: हम सोच तो कुछ भी सकते हैं, पर रावण को अगर मारा गया तो रावण को क्या ये कहकर मारा गया कि तू अनार्य है इसलिए अब तेरा वध होगा। और रावण अनार्य था क्या? हमें तो ये पता है कि ब्राह्मण था, तो इसमें ये बात कहाँ से आ गयी कि आर्यों ने जो यहाँ पर बसने वाला मौलिक जन समुदाय था आर्य वर्ण-व्यवस्था से परे, उसका शोषण किया।






