आप कोई नहीं हैं, हर इंसान अपनी ही सहमति से सुधरेगा या गिरेगा। अब मेरा भी बीस वर्षों का अनुभव हुआ जा रहा है लोगों को समझाने का। बहुत-बहुत जान लगाई है लोगों पर, और धीरे-धीरे करके ये समझ में आया है कि एक अपराध होता है किसी ऐसे को समझाना, जो समझने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। भूल नहीं होती, अपराध होता है। और उनसे ये फिर सुनने को मिलता है, 'हमें हमारे हिसाब से जीने क्यों नहीं दे रहे हो?' एक सीमा के बाद, वो गलती मत करिए जो मैंने करी है बहुत; एक सीमा के बाद प्रयास मत करिए।
यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।
प्रश्नकर्ता: नमस्ते आचार्य जी। मेरी उम्र 22 वर्ष है और मैं अभी एम.एस.सी. क्लीनिकल साइकोलॉजी पढ़ रही हूँ। मेरा प्रश्न ज्योतिष से संबंधित है। मेरे फ़ादर ने वॉलंटरी रिटायरमेंट ली, जिसके लिए उन्हें मैंने ही काफ़ी मतलब उनसे बातचीत की थी, क्योंकि वो अपनी हेल्थ का ख़्याल नहीं रख पा रहे थे। पर वॉलंटरी रिटायरमेंट के बाद का प्लान उनका ज्योतिष सीखना था। तो वो चीज़ देख के मैंने उन्हें काफ़ी; अभी भी मतलब मैं उनसे बात करती हूँ, उन्हें थोड़ा तर्क-वितर्क करती हूँ ताकि उन्हें समझ आए कि ये चीज़ें ठीक नहीं हैं।
तो वो मुझे ये रीजन देते हैं, जैसे उनका पेट बढ़ा हुआ है, तो मैं उन्हें कहती हूँ कि आप वॉक पर जाइए या जिम जॉइन कीजिए। तो वो मुझे बोलते हैं, कि नहीं, ये मेरे पुराने जन्म के कर्म होंगे, मैं कुछ कर नहीं पा रहा। और ये मेरे पुराने जन्म के संस्कार हैं, जो मुझे कसरत नहीं करने दे रहे। और वो मुझे ज्योतिष से ये भी रीजन निकाल के देते हैं, कि ये देख, मेरा गुरु बलवान है और उन लोगों का तो पेट भी बड़ा ही होता है।
और मैं जब उन्हें ये बोलती हूँ, कि आप ये सिर्फ़




