ChatGPT क्या नहीं कर सकता? || आचार्य प्रशांत, वेदांत महोत्सव (2023)

प्रश्नकर्ता: नमस्ते आचार्य जी। आजकल आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, ए.आई. (कृत्रिम बौद्धिक क्षमता) का बड़ा बोलबाला है, तो हाल ही में एक चैट जीपीटी नाम का कन्वर्सेशनल ए.आई. रिलीज़ हुआ था। और इस ए.आई. के बारे में ख़ास बात है कि आप उससे कोई भी सवाल पूछ सकते हो, उससे बात कर सकते हो, उससे आप कोई कहानी भी लिखवा सकते हो, कोडिंग भी करवा सकते हो।
तो दुनिया भर में ख़बर में तो ये आया है, और लोगों में डर आ गया है कि कहीं ये उनकी नौकरी न ले जाए, इस तरह का *ए.आई.*। यहाँ तक कि सुनने में आया है कि गूगल में भी एक इंटर्नल मेमो चला था इस ए.आई. को लेकर के।
आचार्य जी, क्या ऐसा कोई काम बचा है जो ए.आई. नहीं कर सकता?
आचार्य प्रशांत: प्यार नहीं कर सकता! या वो भी उससे करवाओगे? ‘*चैट जीपीटी, गो लव माय गर्लफ़्रेंड*।'
(श्रोतागण हँसते हैं)
यही है, यही जवाब है। और बहुत अच्छी बात है कि ए.आई. से उन सब लोगों के लिए ख़तरा हो रहा है जो सिर्फ़ ढर्राबद्ध काम किया करते थे। तुम क्यों करते थे ढर्राबद्ध काम? तुम ऐसे काम क्यों करते थे जो बस पैटर्न बेस्ड थे, यंत्रवत् थे? क्यों करते थे? नाउ रेज़ योर गेम (अब अपना स्तर उठाओ), अब कुछ ऐसा करो जिसमें सृजनात्मकता हो।



