🔥 "मेरा नाम 'आज़ाद' है, बाप का नाम 'स्वाधीनता' है और मेरा घर है 'जेल'” 🔥
भगत सिंह ने जब अपना घर छोड़ा, तो चिट्ठी के अंत में लिखा, "मेरी शादी की चिंता मत करना, मेरी दुल्हन आज़ादी है"।
एक ओर, जहाँ दुनिया को ये मुद्दा बड़ा गंभीर लगता था, तो दूसरी ओर हमारे युवा क्रांतिकारी इसपर खूब मज़ाक किया करते!
जब अपने साथी की टाँग खींचते हुए भगत सिंह ने ये मुद्दा छेड़ा। तो उन्हें ये जवाब मिला,
"मेरी शादी तो हो चुकी है। 'बमतुल बुखारा' से, और जब तक वो मेरे साथ है मुझे कोई अंग्रेज़ पकड़ नहीं सकता।"
और आज ये जवाब मज़ाक कम, भविष्यवाणी ज़्यादा लगता है।
भगत सिंह का वो साथी 'आज़ाद' ही जिया, और 'आज़ाद' ही शहीद हुआ।
हम बात कर रहे हैं — श्री चंद्रशेखर आज़ाद की। और 'बमतुल बुखारा' वे अपनी माउसर पिस्टल को कहते थे।











