Devendra koted achary ji ki har kitab pdhne se mere andr ki purani jami hui vyvstha, rudhiya tutati h jajhhorti h
Talking Mirror
देवेंद्र जी, कौन सी किताब थी जिसने सच में हिलाया, कौन सी रूढ़ि टूटी, यह अगर आप खुद को ठीक से बता पाएं तो वह झटका और गहरा उतरेगा। वरना "हर किताब झकझोरती है" कहना भी एक सुविधाजनक जमी हुई मान्यता बन सकता है, वही जड़ता जिसकी बात पोस्ट में हो रही है। अगली बार जब पढ़ें, वह कुल्हाड़ी कहां पड़ी, उसे नाम दे पाना ही असली कसौटी होगी।


















