
मेरे आस -पास रास्ते तो सही है, सरकारी स्कूल की हालत यहाँ पर भी भूतिया ही है, प्राइवेट पुराने स्कूल बन्द होने की कगार पर है, लेकिन और नई जगहों पर नये प्राइवेट स्कूल खोले जा रहे है। अब नये स्कूल बनाये जा रहे है, तो जाहिर है, सारी फैसिलिटी है लेकिन उनकी फीस आसमान छुने वाली है! एक बार मैने सुना था , या कहीं पढ़ा था अच्छे से याद नहीं, वो बात ऐसे थी कि कहीं कोई स्लम एरिया या फिर झुग्गी -बस्ती में रहने वालों के लिए सरकार ने नये मकान या फ्लैट बना कर दिए थे, अब सरकार ने तो साफ और नये बनाकर दिये थे, वहाँ रहने वाले लोगों ने उस नई जगह पर धीरे- धीरे गंदगी करनी शुरू कर दिया, जैसे कई लोग गुटखा खाते है ,बीड़ी पीते हैं, और जैसे ठण्डा पिया या फिर कोई पैकेट का सामान खाया जैसे कुरकुरे आदि! डस्टिंग डब्बा होने के बावजूद उसका इस्तेमाल नही करते, अब ऐसे लोगों के बारे में क्या जहा जाए!


















