
Sanjay kumar Singh
लोगों के सामने अपनी छवि बनाए रखने में ही हमारी जिंदगी बीती जाती है । अपनी छवि बचाने को ही जीवन मान लेते हैं । हमें पता ही नहीं चलता है कि अपने जीवन में किया क्या, सिर्फ छवि बचाया और कुछ नहीं। अभी भी अपने छवि को छोड़ नहीं पा रहे हैं।


















