
Prahalad kumar
समाज में सुंदरता का पैमाना बदलते रहता है, वह सुंदरता भी बहारी होती है। समाज में सभी अंधानुकरण करते हैं। क्यों कर रहे हैं ऐसा पता नहीं, वह सामने वाले को नक़ल कर रहे हैं, और सामने वाला उसका।
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समाज में सुंदरता का पैमाना बदलते रहता है, वह सुंदरता भी बहारी होती है। समाज में सभी अंधानुकरण करते हैं। क्यों कर रहे हैं ऐसा पता नहीं, वह सामने वाले को नक़ल कर रहे हैं, और सामने वाला उसका।
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