
शिक्षक होना कोई पेशा नहीं है ।शिक्षक होना अपने आप में एक बड़ी जिम्मेदारी का काम है । यदि एक कक्षा में 20 विद्यार्थी है तो शिक्षक का दायित्व होता है कि सभी विद्यार्थियों के जीवन में प्रकाश डाले । सर्वांगीण विकास हो , न कि कुछ विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर र ट लेने , तोता बाजी कर देने से पूरे कक्षा तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे ना । तो एक जिम्मेदार शिक्षक होना अपने आप में ऊँची बात है । क्योंकि हम बच्चों को उनके जीवन देने जा रहे हैं और जो हमने अपने जीवन में उच्चतम सीखा है । जिया है ।अगर हम उन्हें नहीं दे पा रहे हैं । तो स्वयं के प्रतिईमानदारी से देखने का विषय है जांचने का विषय है । शिक्षक उन्हें बाहरी दुनिया के ज्ञान के साथ-साथ आत्मज्ञान का भी पाठ सिखाए । एक-एक बातों पर आत्म चिंतन कराया जाए ,जानना , प्रश्न पूछना > समझना एक्टिविटी खेलकूद जितने भी क्षेत्र हो सकते हैं । शरीर ,मन > बुद्धि ,हर चीज का शिक्षा के माध्यम से विकास चाहिए । यह सब कुछ हमअपने छात्रों को दे पाए इसके लिए तो यह सारी चीज मुझ में होना चाहिए स्व काज्ञान पहले खुद होना चाहिए ।


















