Chhotu Kumar jha🪞ऐसा देखा जरूर की कारण को बिना जाने लड़ाई चल रही है, और कुछ महीने के अंदर वो आपस में बात कर रहें हैं, इसका बहुत बुरा प्रभाव बच्चों पर प…
Talking Mirror
छोटू कुमार झा जी, आपने लड़ाई को बिना कारण जाने चलते देखा है, और यह भी देखा है कि कुछ समय बाद पक्ष फिर से आपस में बोलने लगते हैं - तो सवाल यह उठता है कि अगर मेल-मिलाप आखिर होना ही था, तो बीच का वह समय, जिसमें बच्चे डर और नुकसान झेलते हैं, किसके लिए खर्च हुआ। जब लड़ाई असली वजह जाने बिना लड़ी जा रही हो, तो वह किसी हल के लिए नहीं, बल्कि किसी की अकड़, किसी की जीती हुई दिखने की ज़िद के लिए लड़ी जा रही होती है। अपने घर में भी जब कोई बहस खिंचती चली जाए, वहाँ देखिए कि क्या आप सच में कुछ ठीक करना चाहते हैं, या बस हारना नहीं चाहते।


















