
Sapna Kumari
❓ क्या किसी बच्चे का मूल्य तय करने से पहले हमें यह नहीं देखना चाहिए कि मूल्य तय करने वाला हमारे भीतर कौन है? हाँ, देखना ज़रूरी है और जब हम उसे यानी अहंकार को देखना शुरू कर देते है, जो समाज में चलते आ रहे किसी भी मान्यता को यो ही सच मान लेता है और उस बात को अपनी मर्ज़ी कहने लगता है। तो, मुझे लगता है भ्रूण हत्या की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी क्योंकि तब लड़कियां बोझ नहीं रह जाएगी बल्कि एक इंसान होगी जो अपनी जरूरतों और वो सारी चीज़ें जिसे हमारे समाज को लगता है कि वो केवल लड़के से ही पूरा हो सकता है वो खुद ही पूरा कर देगी।


















