
कोई भी मदद मांगता है मैं हां कर देता हूं परंतु मैं उसके नियत को नहीं देखी वह हमसे काम करवा लेता है अपने स्वार्थ के लिए पता नहीं मैं ना कह पाती हूं कभी-कभी सोचती हूं हां कर दूंगी तो क्या हो जाएगा सब काम के लिए मैं हां करते-करते मैं अपनी जिंदगी को ही जाना छोड़ दिया हूं पता नहीं जब मैं अंदर से बेचैनी महसूस होती है। पता नहीं ऐसा क्यों होताहै l सभी लोग हमारे हां का फायदा उठा लेते हैंl मैं सोचती थी लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगेl मैं इस वीडियो से यह सखी की लोग मुझे अच्छे इंसान कहे इसलिए अब मैं हां नहीं करूंगी धन्यवाद इस वीडियोl मुझे इससे बहुतअच्छा बहुत अच्छा सिख है । अब समझ में आया कि मुझे अपने छवि को बनाए रखने के लिए नहीं बल्कि अपने अंदर से निकले हुए आवाज को सुनकर l हम मुझे कोई सीधा कहूंगी मैंनहीं करूंगी चाहे सामने वाला को बुरा क्यों ना लगे या कुछ कुछ भी कहेंl


















