
Tara Shukla
गाली देना, अपशब्द कहना व्यक्ति की क्षुद्र मानसिकता का परिचायक है। ग़लती कोई और करता है और भरपाई कोई और। सवाल यह है कि अहंकार इस कार्य के लिए महिलाओं को ही क्यों निशाना बनाता है? यह बात पुरुष प्रधान समाज की गंदी सोच और शोषण की प्रवृत्ति को दर्शाती है। अब तो दबंग महिलाएँ भी गंदे शब्दों का प्रयोग करके ये पुरुषों की बराबरी करना चाहती हैं। यह प्रश्न विचारणीय है कि यदि हम व्यावहारिक रूप में ऐसे हैं तो हमारा आंतरिक रूप कैसा होगा? क्या पाशविक वृत्ति से थोड़ा- सा भी ऊपर हम उठ पाए हैं? यदि नहीं तो हमें आत्म ज्ञान की आवश्यकता है। तभी हम आत्म- सुधार कर पायेंगे। धन्यवाद🙏


















