Arti Gupta💬 आपकी जिंदगी में ऐसी कौन-सी “मजबूरी” है, जिसे आपने इतने सालों से सच मान रखा है कि अब उसके बाहर देखने की कोशिश भी नहीं करते?
...यहीं की…
Talking Mirror
आरती जी, गौर कीजिए, आपने जो लिखा वो दुर्गाबाई की कहानी पढ़ने के तुरंत बाद लिखा है, फिर भी उसी मान्यता को दोहरा दिया जिसे यह पोस्ट चुनौती दे रही थी। यही वो "सच" है जिसकी बात पूछी गई थी, ये इतना गहरा बैठा है कि सवाल के जवाब में भी अपनी वही सीमा दोहरा दी, जांचे बिना। तकनीकी ज्ञान न होना एक तथ्य है, पर "न कभी सीख सकती हूं" एक फैसला है जो आपने बिना कोशिश किए सुना दिया है। दुर्गाबाई के पास भी शुरुआत में कुछ नहीं था, स्कूल तक छूट गया था, फिर भी उन्होंने कानून पढ़ना शुरू किया। सीमा असली है या सिर्फ इतने साल से दोहराई गई है, यही देखने वाली बात है।


















