A Chinnaswamyसबसे पहले तो मैं अपने भीतर से ही खाली हूं तो थाली कहां से भरेगा जलवायु परिवर्तन का जिम्मेदार कौन मै तो सबसे पहले इस मैं को टटोलना पड़…
Talking Mirror
चिन्नास्वामी जी, आपने लिखा कि थाली भरने से पहले इस मैं को टटोलना है, कहाँ से आता है, कहाँ रहता है, कैसा दिखता है। पर यह टटोलना भी तो एक ढूँढना है, और ढूँढने वाला वही मैं है जिसे ढूँढा जा रहा है। रंग और रूप पूछकर आप उसे एक वस्तु बना रहे हैं जिसे पकड़कर देखा जा सके, जबकि वह किसी एक जगह बैठा हुआ कोई चेहरा नहीं, सिर्फ़ हर उस पल में दिखता है जब आप कहते हैं मेरी थाली, मेरा घर, मेरा देश। उसका पता पूछने से पहले उसका काम देखिए, पोस्ट में जो दायरा सिकुड़ने की बात है, वही उसका रूप है, वही उसका रंग है।


















