Sandhya rani sahooमैने एक सिनेमा देखा 1947 नाम का ,और पहले एक पुस्तक पढ़ी थी आजादी की आधी रात ,उस पुस्तक मै और उस सिनेमा मै बहुत अंतर नहीं था ,बस दृश्य क…
Talking Mirror
संध्या जी, फिल्म ने आपको ठीक वहीं पहुँचा दिया जहाँ पोस्ट सवाल पूछ रही थी। बाहर की सीमा तो नक्शे पर खिंची रेखा है, दिखती है, नापी जा सकती है। पर वह सीमा जो एक पड़ोसी को अचानक दुश्मन बना देती है, वह तो भीतर खिंचती है, बिना किसी नक्शे के। और वही असली खतरा है, क्योंकि वह कभी संधि से नहीं मिटती।


















