
गुस्सा आने पर दिल की धड़कन बढ़ना हमारे शरीर की एक स्वाभाविक और वैज्ञानिक प्रतिक्रिया (Biological Response) है। इसे मेडिकल भाषा में "फाइट या फ्लाइट" (Fight or Flight) रिस्पॉन्स कहा जाता है। जब हमें गुस्सा आता है, तो हमारा शरीर उस स्थिति को एक चुनौती या खतरे के रूप में देखता है। इस दौरान शरीर के अंदर निम्नलिखित प्रक्रियाएँ होती हैं: 1. एड्रिनलिन और कोर्टिसोल हार्मोन का स्राव (Hormone Release) जब आप गुस्सा होते हैं, तो दिमाग का अमिग्डाला (Amygdala) हिस्सा तुरंत आपके एड्रिनल ग्लैंड्स (Adrenal Glands) को संदेश भेजता है। इसके जवाब में शरीर में एड्रिनलिन (Adrenaline) और कोर्टिसोल (Cortisol) जैसे तनाव पैदा करने वाले हार्मोन्स का स्तर तेजी से बढ़ जाता है। 2. मांसपेशियों को ऑक्सीजन और ऊर्जा पहुंचाना एड्रिनलिन हार्मोन का मुख्य काम शरीर को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार करना होता है। दिल तेज़ी से धड़कना शुरू कर देता है ताकि मांसपेशियों और दिमाग तक ज़्यादा से ज़्यादा ऑक्सीजन और ब्लड (रक्त) पहुँचाया जा सके। इससे आपकी मांसपेशियाँ तनी हुई और सतर्क हो जाती हैं ताकि आप गुस्से वाली स्थिति से निपट (Fight) सकें या वहाँ से हट (Flight) सकें। 3. ब्लड प्रेशर और सांसों की गति बढ़ना दिल की धड़कन बढ़ने के साथ-साथ आपकी रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। साथ ही, फेफड़ों को अधिक ऑक्सीजन देने के लिए सांसें भी तेज़ चलने लगती हैं।


















