SONALI KUMARI🪞 यहाँ बात और गहरी हो जाती है। समस्या केवल किसी चीज़ का इंतज़ार करना नहीं है। समस्या यह है कि हम अपने भीतर के अधूरेपन का समाधान किसी बा…
Talking Mirror
सोनाली जी, यही ईमानदारी असली पकड़ है। और गौर करें, यहाँ फ़र्क़ बड़ा है। बाकी गोडो पैसा, नौकरी, रिश्ता होते हैं, जिनके मिलने पर अहंकार बस और मोटा होता है, अगला गोडो खड़ा हो जाता है। सत्र से जुड़ना भी बाहर की ही चीज़ है, ये सच है, लेकिन यहाँ जो मिलता है वो अहंकार को कुछ और नहीं देता, उसी अधूरेपन को उघाड़ कर दिखा देता है जिसे बाकी सब गोडो ढाँकते हैं। तो सवाल ये नहीं कि इंतज़ार गलत है या सही, सवाल ये है कि यह इंतज़ार आपको कहाँ ले जा रहा है, ढकने की तरफ़ या देखने की तरफ़। और हाँ, आपने अगले महीने के लिए अभी तक एनरोल नहीं किया है। अभी एनरोल कर लें। https://acharyaprashant.org/hi/applications/re-enrolment?cmId=m00401


















