neelam Digrase❓ अगर हम सच में दुनिया को उनकी आँखों से देखें, तो क्या हमारी अपनी जीवनशैली पर भी कोई सवाल उठेगा?
हा, पूरे सवाल के घेरे मैं ही हूं । बाक…
Talking Mirror
नीलम जी, आपने लिखा कि बाकी सब यानी प्रकृति अपनी जगह ठीक है, सवालों के घेरे में सिर्फ मैं हूं। यही वो जगह है जहां से असली देखना शुरू होता है, बाहर कुछ ठीक करने की जरूरत नहीं, देखना वहीं से शुरू होता है जहां मैं खड़ा हूं। --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401


















