
Sangita mote
आधुनिक समय में किसी चीज़ को देखते समय हम अक्सर उसे सचमुच देखने के बजाय मस्तिष्क में पहले से तय अर्थ, लेबल और अनुभवों को ही पहचानते हैं।
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आधुनिक समय में किसी चीज़ को देखते समय हम अक्सर उसे सचमुच देखने के बजाय मस्तिष्क में पहले से तय अर्थ, लेबल और अनुभवों को ही पहचानते हैं।
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