
MRIDULA
अतीत से जुड़े सवालों का समाधान खोजते हुए वर्तमान में सही कदम उठा रहे हैंl आचार्य जी की संगति ने थोड़ी रंगति तो दे ही दी है अब इसे झुठला तो नहीं सकते हैं ना जो है सो है। अब कुछ तो बाहर और भीतर के रंग जरुर ही दिखते हैं कि गिरगिट वाला है या" इश्क दा बुल्ले शाह "वाला है।


















