
Rahul Rahul
सर मेरी भी यही समस्या है जब मैं अपने से बड़े लोगों के सामने आते हैं तो वो जो बोलते हैं हम हा सर हां सर बोलते रहते हैं बात समझ में आई हो या ना आई हो फिर भी हम हा जी हा जी करते हैं हम अपनी बात नहीं बोल पाते हैं और मेरा एक और सवाल है हम अपनी बात कर रहे हैं कि हमरे अन्दर पता नहीं कौन सी आवाज है कि क्या है मुझे पता नहीं पर मैं अपने आप से बातें करते रहे थे है कोई भी बात हो हम अपने में ही मन ही मन में बोलते रहे थे है तो ऐ कोई बिमारी है या डर है


















