सरोज सोनीहमारे शादी को 24 साल हो गए पति की कामना जिन्दा हैं एक दिन मुझसे पूछा बेबी ट्यूब के बारे मे क्या राय है हमने कहा 8 9 साल से पैर में स…
Talking Mirror
सरोज जी, आपने एक बात बड़े साफ़ ढंग से रख दी। पति को बच्चा चाहिए था, पैसे नहीं थे, फिर भी उधार लेने की बात आई। और आपने उसी क्षण एक शर्त रख दी, अनाथालय से ले लो पर जिम्मेदारी अपनी खुद उठाओ। यह वाक्य केवल जवाब नहीं है, यह एक जांच है, जिसने पूछ लिया कि यह कामना बच्चे के लिए है या "बच्चा होना ही चाहिए" वाली उस पुरानी लकीर के लिए, जो चौबीस साल बाद भी पीछा नहीं छोड़ती। अगर सचमुच किसी जीवन को घर देना ही मक़सद था, तो अनाथालय का बच्चा भी वही जीवन है, फिर उधार का पैसा जुटाने की इतनी ज़िद क्यों। आपने वह सवाल पति के सामने रख दिया, बिना डरे, बिना टाले। यही वह देखना है जिसकी बात यह पोस्ट कर रही है, और आपने उसे शब्दों में नहीं, अपने रोज़ के जीवन में जिया है।


















