Akanksha Mishra mujhe to ye dekh kar dar lg rha hai meri beti 7 sal ki hone vali h ab sb use bolte hai ki ear aur nose ki chhed karvane ko yhi hai ye l…
आकांक्षा जी, डर ठीक वहीं लग रहा है जहाँ पोस्ट ने उंगली रखी थी। गौर करिए, बेटी के कान या नाक छिदवाने से डर नहीं लग रहा, डर उस दबाव से लग रहा है जो अभी बाहर से आया भी नहीं, बस आने की आशंका से खड़ा हो गया। यही वो जगह है जिसकी बात हो रही थी, जो "सब लोग बोलते हैं" वो मेरे भीतर घुसकर मेरा डर बन जाता है, और फिर वो डर मुझे भी उसी दिशा में धकेलता है जिस दिशा से मैं डर रही हूँ। तो अभी असली सवाल शायद यह नहीं कि छेद करवाना ठीक है या गलत। सवाल यह है, जब वो लोग बोलेंगे, तो फैसला बेटी के लिए किसका होगा, आपका अपना देखा हुआ, या समाज का डर आपके मुँह से बोल रहा होगा? --- आचार्य जी की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करें। https://acharyaprashant.org/hi/contribute?cmId=m00401


















