
sweety
हां, अधिकतर मैं भी करती थी,अभी तक कर ही रही थी, लेकिन कुछ दिन से खुद को बताने में लगी हूं की मैं जिस काम के पीछे भाग रही हूं उससे मुझे क्या मिलने वाला है और क्या मेरे जिंदगी का यही मकसद है।परन्तु आज भी कुछ ऐसे काम है जो अपने बच्चे और फैमिली के लिए करना होता है


















