SaritaAchary ji se judane k bad ab vagan pr hi jor h
Talking Mirror
सरिता जी, आपने लिखा वीगन पर ज़ोर है, यह ज़ोर किस चीज़ का विरोध करके टिका है यह भी देख लीजिए। यह ज़ोर दूध के उन आंकड़ों को देखने के बाद आया है या दूध छोड़ने के फैसले को अब सही ठहराने के लिए आया है, यह फ़र्क खुद से पूछने लायक है। अगर बछड़े की जुदाई और रस्सी में बंधा जानवर अब भी सामने दिखता है, तो यह ज़ोर बना रहे, इसमें कोई नरमी की गुंजाइश नहीं है।


















