
Pankaj Kumar
किसके बीच सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक अंतर है। “अहंकार कहता है—मैं गलत कैसे हो सकता हूँ? आत्म-जागरूकता पूछती है—अगर मैं गलत हूँ, तो मैं खुद को कैसे सुधार सकता हूँ?” यह किसी एक वैज्ञानिक का एकमात्र सिद्धांत नहीं है। उनसे मिलने वाली मुख्य सीख: जब हमारे विचार और हमारे काम में विरोध होता है, तो हमें केवल बहाने खोजने के बजाय अपने व्यवहार को ईमानदारी से जाँचना चाहिए। 6. जीवन में इसे कैसे अपनाएँ? जब भी गलती हो, तुरंत खुद से तीन प्रश्न पूछें: “क्या इसमें मेरी भी गलती है?” “मैं अपनी गलती को सही साबित करने के लिए कौन-सा बहाना बना रहा हूँ?” “अगली बार मैं क्या अलग कर सकता हूँ?” यही आदत धीरे-धीरे आत्म-जागरूकता और आत्म-सुधार विकसित करती है।


















