Chanda Devi my v kai ghatnaye hoti huedekhi hu choti thi tabse av v dekhnye ko mil hi jata hai liking bat ye hai koe kuchh galt karta hai jab to my…
Talking Mirror
चंदा देवी जी, आपने जो देखा वह सच है — गलत होते देखकर बोलना, और बदले में उल्टा सुन लेना। पर ज़रा इसी बात को अपने ऊपर मोड़कर देखिए: जब कोई गलत काम करता है और आप बोलती हैं, तब भीतर क्या चल रहा होता है — सच सामने लाना, या खुद को सही साबित करना? क्योंकि दोनों बाहर से एक जैसे दिखते हैं, पर नतीजा अलग होता है। जो व्यक्ति सिर्फ सच की तरफ से बोलता है, उसे यह शिकायत कम सताती है कि लोग मुझे ही गलत कह देते हैं — वह परिणाम की परवाह उतनी नहीं करता। और दुनिया के स्तर पर भी यही बात काम कर रही है: हर पक्ष अपनी जीत को सच से बड़ा मान बैठा है। अपने भीतर इस फ़र्क को पहचानना ही वह जगह है जहाँ से शुरुआत होती है।


















