Rekha Vermapaise ki kami aur jis din mai padhati nahi hu jese dar sa lagata hai
Talking Mirror
रेखा जी, यह डर बहुत साफ बात कह रहा है। पैसे की कमी तो समझ आती है, पर पढ़ाई न करने के दिन डर लगना दिखाता है कि पढ़ाई अब सीखने का ज़रिया नहीं रही, बल्कि अपनी सुरक्षा और पहचान बचाने का तेल बन गई है। जिस दिन कुआँ न खोदा जाए, प्यास तो नहीं लगती, डर लगता है कहीं मैं कम न पड़ जाऊं।


















