
Aklima Ahmed
1️⃣ मुझे अपने भीतर साहस और दृढ़-संकल्प की कमी दिखाई देती है। 2️⃣ दोनों ही — डर भी, और आराम भी। 3️⃣ मैं अपने भीतर की कई लड़ाइयों से इसलिए नहीं भिड़ पाती, क्योंकि डर और स्वार्थ दोनों ही मुझे स्वतंत्र कदम उठाने से रोक देते हैं। इसी वजह से अनेक आवश्यक काम मैं बार-बार टाल देती हूँ। 4️⃣ अगर रानी लक्ष्मीबाई के साहस का एक प्रतिशत भी जीवन में उतार पाऊँ, तो ज़िंदगी बहुत बदल सकती है। गीता सत्र से जुड़ने के बाद थोड़ा-सा साहस बढ़ा है, और उसी के कारण मेरी ज़िंदगी की दिशा थोड़ी-सी सही ओर मुड़ी है।


















