
Bhaktpal Singh
अभी कुछ दिन पहले की बात है जब में बाहर झाड़ू लगाकर जैसे ही घर में घुसा तो अचानक मेरी बहन ने फ्लश किया लेकिन उसके छीटों से में बाल बाल बच गया मुझे तुरन्त क्रोध आ गया और मैंने उसको भला बुरा कह दिया इसके पीछे मेरी मान्यता थी कि उसने जानबूझकर ऐसा किया क्योंकि वह आचार्य जी को पसंद नहीं करतीं इसलिए उन्होंने इसका बदला मुझसे लिया मेरी बनाई हुई कहानी ने मेरे अहंकार को चोट दी जबकि छींटे मेरे ऊपर आए भी नहीं थे फिर भी मेरे अहंकार को बुरा लगा। मैने जब उनसे पूछा कि उन्होनें ऐसा क्यों किया इस पर उनका कहना था कि उनसे गलती से हो गया लेकिन मुझे उनकी बात पर विश्वास नहीं हुआ और मैने अपनी बनाई हुई कहानी के अनुसार उनके प्रति प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हें अपशब्द बोल दिए।


















