
MaNorama Vyas
मेरे अनुसार बच्चों की स्क्रीन की आदत का सबसे बड़ा कारण केवल मोबाइल नहीं है, बल्कि उसके पीछे छिपा खालीपन है। मोबाइल तो बस उस खालीपन को भरने का आसान साधन बन जाता है। जब बच्चे को घर में संवाद, स्नेह, खेल, प्रकृति, किताबें, रचनात्मक गतिविधियाँ और माता-पिता का गुणवत्तापूर्ण साथ नहीं मिलता, तो वह स्क्रीन में मनोरंजन, ध्यान और राहत खोजने लगता है। इसलिए केवल मोबाइल छीन लेने से समस्या का समाधान नहीं होगा। यदि उस खालीपन को प्रेम, समझ, सार्थक व्यस्तता और सही वातावरण से नहीं भरा गया, तो उसकी जगह कोई और लत ले सकती है। समाधान स्क्रीन से लड़ना नहीं, बल्कि बच्चे के जीवन को इतना समृद्ध बनाना है कि स्क्रीन अपने-आप कम आकर्षक लगने लगे।


















